अलेफ Aleph (א) से ताव Tav (ת) तक. भजन संहिता में हिब्रू एक्रोस्टिक का छिपा हुआ दिव्य क्रम
अलेफ Aleph (א) से ताव Tav (ת) तक. भजन संहिता में हिब्रू एक्रोस्टिक का छिपा हुआ दिव्य क्रम, भजन संहिता में प्रयुक्त 22 अक्षरों वाली हिब्रू वर्णमाला के एक्रोस्टिक रहस्यों को जानिए। समझिए क्यों भजन 119 में 176 पद हैं, कुछ अक्षर क्यों अनुपस्थित हैं, और अलेफ से ताव कैसे परमेश्वर के वचन की पूर्णता दर्शाता है।
हिब्रू वर्णमाला में कुल 22 अक्षर हैं।
इन्हीं 22 अक्षरों का उपयोग बाइबिल की एक्रोस्टिक भजन संहिताओं में किया गया है।
ऐसे भजन, जिनमें प्रत्येक पद या खंड हिब्रू वर्णमाला के क्रमिक अक्षर से आरंभ होता है, उन्हें वर्णानुक्रमिक या कैनॉनिकल एक्रोस्टिक भजन कहा जाता है।
यह केवल काव्य शैली नहीं है।
यह उद्देश्यपूर्ण रचना है।
एक्रोस्टिक का उद्देश्य
एक्रोस्टिक भजनों के दो मुख्य उद्देश्य हैं।
पहला, सुंदर और व्यवस्थित कविता।
दूसरा, स्मरण में सहायता।
प्राचीन समय में जब शास्त्र मौखिक रूप से याद किए जाते थे, तब यह संरचना अत्यंत उपयोगी थी।
इससे भी आगे एक गहरा संदेश छिपा है।
अलेफ से ताव तक, यह संकेत देता है कि परमेश्वर का वचन पूर्ण है।
जैसे अंग्रेज़ी में A से Z।

भजन 119. वचन-केंद्रित पूर्ण एक्रोस्टिक
भजन संहिता 119 बाइबिल का सबसे विस्तृत एक्रोस्टिक भजन है।
इसकी रचना पूर्ण रूप से सुव्यवस्थित है।
• 22 खंड
• प्रत्येक खंड एक हिब्रू अक्षर से जुड़ा
• हर खंड में 8 पद
• कुल पद. 176
हर खंड के सभी पद एक ही अक्षर से आरंभ होते हैं।
यह संरचना परमेश्वर के वचन की पूर्णता को दर्शाती है।
इस भजन का मुख्य विषय एक है।
परमेश्वर के वचन से प्रेम।
तोरा, विधियों और आज्ञाओं के प्रति भक्ति।
भजन 119 के प्रमुख अक्षर खंड
यह रहा भजन 119 के सभी 22 हिब्रू अक्षरों के अनुसार पूरा और क्रमबद्ध विवरण, सरल और स्पष्ट रूप में।
भजन 119 में हर हिब्रू अक्षर के लिए 8 पद हैं।
कुल 22 खंड।
भजन 119 के 22 हिब्रू अक्षर और उनके विषय
- Aleph (א)
विश्वास और स्थिर जीवन की नींव।
जो परमेश्वर की व्यवस्था में चलते हैं, वे धन्य हैं। - Beth (ב)
परमेश्वर के वचन से पवित्र जीवन।
युवा कैसे अपने मार्ग को शुद्ध रखे। - Gimel (ג)
पृथ्वी पर परदेशी होने की भावना।
परमेश्वर की आज्ञाओं की लालसा। - Daleth (ד)
धूल से चिपके हुए जीवन से पुनर्जीवन।
परमेश्वर के वचन से जीवन पाना। - He (ה)
बार-बार की प्रार्थना।
“हे यहोवा, मुझे अपनी विधियाँ सिखा।” - Vav (ו)
आज्ञाकारिता और स्थिर चाल।
लज्जा से मुक्त जीवन। - Zayin (ז)
दुःख और अपमान में वचन से सांत्वना।
परमेश्वर का वचन जीवन देता है। - Heth (ח)
परमेश्वर मेरा भाग है।
उसकी विधियों को मानने का संकल्प। - Teth (ט)
कष्ट से सीख मिलती है।
दुख आज्ञाकारिता सिखाता है। - Yod (י)
परमेश्वर सृष्टिकर्ता है।
“तूने मुझे बनाया और रचा।” - Kaph (כ)
आत्मा का थक जाना।
फिर भी वचन में आशा। - Lamed (ל)
परमेश्वर का वचन स्वर्ग में सदा स्थिर है।
उसकी सच्चाई पीढ़ी दर पीढ़ी। - Mem (מ)
वचन से मिलने वाली बुद्धि।
आज्ञाएँ शिक्षक से भी अधिक समझ देती हैं। - Nun (נ)
परमेश्वर का वचन दीपक और प्रकाश है।
“तेरा वचन मेरे पाँव के लिए दीपक है।” - Samekh (ס)
व्यर्थ विचारों से घृणा।
परमेश्वर की व्यवस्था से प्रेम। - Ayin (ע)
लोग परमेश्वर की व्यवस्था को तोड़ते हैं।
हस्तक्षेप की विनती। - Pe (פ)
परमेश्वर के वचन का प्रवेश प्रकाश देता है।
सरल जन को समझ देता है। - Tsade (צ)
परमेश्वर धर्मी है।
उसकी व्यवस्था भी धर्मी है। - Qoph (ק)
पूरे हृदय से पुकार।
भोर से पहले प्रार्थना। - Resh (ר)
परमेश्वर के वचन का सार सत्य है।
उसके निर्णय सदा के लिए हैं। - Shin (ש)
व्यवस्था से प्रेम करने वालों को महान शांति।
कुछ भी उन्हें ठोकर नहीं देता। - Tav (ת)
भटका हुआ भेड़।
परमेश्वर से खोजे जाने की प्रार्थना।

यह भजन 119 का पूर्ण Aleph से Tav ढांचा है।
यह दिखाता है कि परमेश्वर का वचन आरंभ से अंत तक पूर्ण है।
- अलेफ. विश्वास और आधार।
- बेत. वचन द्वारा पवित्रता।
- गिमेल. पृथ्वी पर परदेशी की तरह जीवन।
- दालेत. धूल से चिपके जीवन से पुनर्जीवन।
- हे. बार-बार की प्रार्थना. हे यहोवा, मुझे अपनी विधियाँ सिखा।
- Vav (ו) आज्ञाकारिता और स्थिर चाल। लज्जा से मुक्त जीवन।
- जायिन. कष्ट में वचन से सांत्वना।
- हेत. यहोवा मेरा भाग है।
- Teth (ט) कष्ट से सीख मिलती है। दुख आज्ञाकारिता सिखाता है।
- योद. परमेश्वर सृष्टिकर्ता है जिसने मुझे बनाया।
- Kaph (כ) आत्मा का थक जाना। फिर भी वचन में आशा।
- Lamed (ל) परमेश्वर का वचन स्वर्ग में सदा स्थिर है। उसकी सच्चाई पीढ़ी दर पीढ़ी।
- मेम. वचन पर मनन से मिलने वाली बुद्धि।
- नून. तेरा वचन मेरे पाँव के लिए दीपक है, पद 105–112।
- सामेख. व्यर्थ विचारों से घृणा।
- अयिन. लोग तेरी व्यवस्था को व्यर्थ ठहराते हैं, इसलिए हस्तक्षेप की प्रार्थना।
- Pe (פ) परमेश्वर के वचन का प्रवेश प्रकाश देता है। सरल जन को समझ देता है।
- Tsade (צ) परमेश्वर धर्मी है। उसकी व्यवस्था भी धर्मी है।
- कोफ. पूरे हृदय से पुकार।
- रेश. तेरे वचन का सार सत्य है।
- शिन. व्यवस्था से प्रेम करने वालों को महान शांति।
- ताव. भटकी हुई भेड़ की तरह खोजे जाने की प्रार्थना।
अपूर्ण या टूटे हुए एक्रोस्टिक
सभी एक्रोस्टिक पूर्ण नहीं हैं।
यह भी जानबूझकर किया गया है।
भजन 25 लगभग पूर्ण है।
इसमें वाव अक्षर अनुपस्थित है।
वाव का अर्थ है जोड़ या संबंध।
अंतिम पद वर्णक्रम से बाहर जाकर उद्धार की प्रार्थना करता है।
भजन 34 में भी वाव नहीं है।
यह मानव कमजोरी और टूटे हुए संबंध का प्रतीक माना जाता है।
यहूदी विद्वान रशी के अनुसार,
मानव प्रार्थनाएँ अपूर्ण होती हैं।
केवल परमेश्वर का वचन पूर्ण है।
संयुक्त और अनियमित एक्रोस्टिक
भजन 9 और भजन 10 मिलकर एक अपूर्ण एक्रोस्टिक बनाते हैं।
अलग-अलग देखने पर वे असंगठित लगते हैं।
एक साथ देखने पर एक छिपी हुई संरचना दिखती है।
अन्य एक्रोस्टिक संरचनाएँ
भजन 37 में हर अक्षर के लिए दो पद हैं।
भजन 111 और भजन 112 में हर आधा पद नए अक्षर से आरंभ होता है।
भजन 112 को धन्य पुरुष कहा गया है।
भजन 145 एक स्तुति गीत है।
मानक हिब्रू पाठ में इसमें नून अक्षर अनुपस्थित है।
यह लुप्त पद डेड सी स्क्रॉल्स और सेप्टुआजेंट में पाया गया है।
भजनों से आगे एक्रोस्टिक
विलापगीत की पहली चार अध्याय एक्रोस्टिक हैं।
इनमें कभी-कभी अयिन और पे अक्षर क्रम बदलते हैं।
यह यरूशलेम के विनाश के शोक को दर्शाता है।
नीतिवचन 31:10–31 में वीर स्त्री का वर्णन एक्रोस्टिक रूप में है।
पाठ परंपरा
मानक हिब्रू बाइबिल पाठ को मसोरेटिक टेक्स्ट कहा जाता है।
इसी में ये संरचनाएँ सुरक्षित रखी गई हैं।
आध्यात्मिक संदेश
एक्रोस्टिक भजन एक मुख्य सत्य सिखाते हैं।
परमेश्वर का वचन पूर्ण है।
मनुष्य उस पूर्णता की ओर बढ़ता है।
अलेफ से ताव तक।
आरंभ से अंत तक।
सृष्टि से पुनर्स्थापन तक।
https://divinetruthofnumbers.com/aleph-to-tav-the-hidden-order-of-psalms/
